मध्य प्रदेश में डिजिटल शासन की नई इबारत लिखी गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल में साइबर पंजीयन कार्यालय खोलकर 75 से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया। यह भारत का पहला ऐसा प्रयास है।
पीएम मोदी के मार्गदर्शन में राज्य विकास और प्रशासन में तत्परता ला रहा है। संपदा पोर्टल्स के बाद साइबर पंजीयन पेपरलेस युग की शुरुआत है।
पावर ऑफ अटॉर्नी, पार्टनरशिप डीड, अफिडेविट आदि अब घर बैठे दर्ज होंगे। कैशलेस सिस्टम से पारदर्शिता बढ़ेगी और पर्यावरण को लाभ।
सरकारी संपत्ति हस्तांतरण वीडियो के माध्यम से। हाउसिंग बोर्ड के लिए ऑफिस जाने की जरूरत नहीं।
राज्य में 14 लाख 95 हजार दस्तावेज डिजिटल। साइबर तहसील 55 जिलों में सक्रिय। देवड़ा ने बताया कि संपदा 2.0 से कई प्रक्रियाएं बिना उप-पंजीयक के पूरी।
नागरिक-केंद्रित इस पहल से एमपी डिजिटल क्रांति में अग्रणी बनेगा।