केरल के तिरुवनंतपुरम से बड़ी खबर। 16 फरवरी को कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने ब्राह्मणवाद, ठाकुरवाद और हिंदुत्व को निशाने पर लिया। उनके आईएएनएस साक्षात्कार ने पूरे देश में सियासी तापमान बढ़ा दिया। ब्राह्मण परिवार में जन्मे अय्यर ने परंपराओं से इनकार किया।
‘जन्म से ब्राह्मण, लेकिन किसी ने मजबूर नहीं किया। जनेऊ-पहने संध्यावंदन छोड़ दिया। आश्रम ने रस्मों पर सवाल उठाए, हिंदू विचारधारा पर नहीं।’ हिंदुत्व को महान धर्म का ‘दुरुपयोग’ बताया।
ब्राह्मणवाद के आरोप को पिनराई पर भाजपा स्टिकर जैसा ठहराया। योगी के दिल्ली प्रदूषण बयान पर सहमति: ‘वहां रहकर सांस लेना आश्चर्य। उनकी इकलौती सही राय।’
हंसी-मजाक में, ‘यूपी में योगी-योगी बोलो तो रहो।’ मौसम की बात पर जोर दिया। ठाकुरवाद को सामंती शक्तियों के खिलाफ मानते हुए बोले, ‘जमींदारी विरोध? पूरी तरह समर्थन। ब्राह्मणवाद मुर्दाबाद, ठाकुरवाद मुर्दाबाद।’
यह बयान जाति-धर्म की राजनीति को झकझोर रहा। कांग्रेस को प्रगतिशील छवि मिली, पर हिंदुत्ववादी आक्रोशित। विशेषज्ञों का मानना, यह बहस लंबे समय चलेगी और वोट बैंक प्रभावित करेगी।