पंजाब राजनीति में भूचाल आ गया। शिरोमणि अकाली दल ने आम आदमी पार्टी सरकार पर मोगा रैली आयोजन के नाम पर सरकारी फंडों की लूट का इल्जाम लगाया। सोमवार को एसएडी नेता दलजीत सिंह चीमा ने राज्यपाल व चुनाव आयोग को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की अपील की।
चीमा के अनुसार, ‘ड्रग्स के खिलाफ युद्ध’ के बहाने आप ने चुनावी अभियान चला दिया। केजरीवाल व दिल्ली नेताओं की अगुवाई वाली इस रैली का पूरा बोझ जनता के टैक्स से उठाया गया। “भीड़ जुटाने से लेकर मंच तक, सब सरकारी खर्चे में। राजनीतिक नारों ने असलियत उजागर कर दी।”
उन्होंने मांग की कि आप से सारा पैसा वसूला जाए क्योंकि यह अवैध राजनीतिक सभा थी। मुख्य सचिव व पुलिस प्रमुख को बुलाने के दबाव को शर्मनाक बताते हुए चीमा ने चेतावनी दी, “नौकरशाही आप की कठपुतली बनेगी तो निष्पक्ष चुनाव असंभव। जिला स्तर पर भी यही होगा।”
यह विवाद आप सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रहा है। अकाली दल का यह कदम 2027 चुनावों से पहले विपक्षी एकजुटता का संकेत देता है। आयोग की जांच से सच्चाई सामने आ सकती है, जो पंजाब की सत्ता संरचना को हिला दे।