पश्चिम बंगाल के विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग के सात एईआरओ को निलंबित करने के कदम की सराहना की है। एसआईआर के बीच यह कार्रवाई कोलकाता हवाईअड्डे पर उनकी प्रेस बातचीत में चर्चा का केंद्र बनी। उन्होंने ममता बनर्जी की सरकार को दोषी ठहराते हुए कहा कि अधिकारी मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती के इशारे पर फर्जी दस्तावेजों को मंजूरी दे रहे थे।
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि आयोग ने 13 निर्देशों की अवहेलना करने वालों पर सख्ती दिखाई। यह राज्य में पहली बार हुआ जब आयोग ने सीधे सस्पेंशन का सहारा लिया। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में चुनावी फाइलें मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचती हैं, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है। अन्य राज्यों में ऐसा हस्तक्षेप नहीं देखा जाता।
फॉर्म-7 शिकायतों पर उदासीनता को भी उन्होंने उजागर किया। भाजपा नेता ने कहा कि आयोग का यह फैसला चुनावी सफाई की दिशा में सकारात्मक है। आने वाले दिनों में इससे और पारदर्शिता आएगी।
राज्य की राजनीति में यह विकास टीएमसी के खिलाफ विपक्षी माहौल को मजबूत कर सकता है।