महाशिवरात्रि के अवसर पर उज्जैन महाकालेश्वर धाम में एक दुर्लभ दृश्य देखने को मिला। बाबा महाकाल को सात प्रकार के धानों से सजाया गया और 11 फीट के विशाल सेहरे से अलंकृत किया गया। लाखों श्रद्धालु इस दिव्य दर्शन के लिए तांता बांध रहे हैं।
सप्तधान शृंगार में तिल, खारा मूंग, उड़द, चावल, गेहूं, जौ व मसूर का उपयोग होता है। यह प्रकृति पूजा का प्रतीक है, जो किसानों की फसल समृद्धि की प्रार्थना करता है। सोमवार को पूजन के बाद यह शृंगार किया गया।
दैनिक भस्म आरती की जगह दोपहर में विशेष आरती आयोजित हुई। अनुष्ठान समाप्ति पर अनाज प्रसाद रूप में बंटे, मंदिर प्रशासन ने कुछ भाग संभाल लिया। यह रिवाज समृद्धि का संदेश देता है।
आस्था के इस महाकुंभ में ‘हर हर महादेव’ के जयकारे गूंजे। भक्तों की संख्या प्रति घंटे बढ़ती गई। कल से मंदिर का नियमित कार्यक्रम शुरू होगा, परंतु यह अनुभूति अमिट रहेगी।