तेलंगाना की राजनीति में हलचल मचाने वाली खबर करीमनगर से। मेयर चुनाव से एक दिन पहले पांच पार्षदों के कांग्रेस में शामिल होने से सत्ता का समीकरण बदल गया। भाजपा का सपना चकनाचूर होने की कगार पर है।
मंत्री पोन्नम प्रभाकर व डी. श्रीधर बाबू के सान्निध्य में दो एआईएफबी व तीन निर्दलीय पार्षद कांग्रेस में आ गए। साई ज्योति का भाजपा से कांग्रेस की ओर लौटना चर्चा का केंद्र बना।
निगम की 66 सीटों में भाजपा सबसे मजबूत (30), उसके बाद कांग्रेस (14), बीआरएस (9), एआईएमआईएम (3) व 10 निर्दलीय। जीत के लिए 34 वोट जरूरी। बंदी संजय ने चार निर्दलीयों से भाजपा को मजबूत किया था।
कांग्रेस ने जवाबी हमला बोला। भाजपा का एक निर्दलीय लौटा, एआईएमआईएम साथ आया, बीआरएस को मनाने की कोशिश। पांच नए साथियों से संख्या 31, एक्स-ऑफिशियो से 33। एक वोट और चाहिए।
पार्षदों को हैदराबाद होटल में भेजा गया। निजामाबाद में भी भाजपा की हालत ऐसी ही। कल का मतदान तय करेगा निगम का भविष्य। यह घटनाक्रम स्थानीय चुनावों की अनिश्चितता को दर्शाता है।