त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अगरतला के रवींद्र भवन में आयोजित एबीवीपी के आदिवासी छात्र सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के नवयुवक 2030 तक देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना देंगे। रविवार को हुई इस सभा में उन्होंने 18-35 आयु वर्ग को राष्ट्र रचना की धुरी करार दिया।
सीएम ने स्पष्ट किया कि युवा सुरक्षा, आर्थिक प्रगति और विकास कार्यों की आधारशिला हैं। पीएम मोदी के समावेशी विकास के दर्शन में युवाओं की क्षमता ही मूल है। सम्मेलन में छात्रों की भारी भीड़ ने त्रिपुरा के उज्ज्वल कल पर सीएम का भरोसा मजबूत किया।
राज्य के कॉलेजों में छात्र संगठनों की सक्रियता बढ़ाने पर जोर देते हुए साहा ने अतीत की अस्थिरता का जिक्र किया, जिसने शिक्षा को ठप कर दिया था। लेकिन मोदी जी के 2014 से सत्ता संभालने के बाद भारत वैश्विक पटल पर 11वें से चौथे पायदान पर आ गया और 2030 तक तीसरा नंबर पक्का।
स्वच्छता अभियान, रक्तदान जैसे सामाजिक कार्यों में कूदने को कहा तथा एआई के नैतिक प्रयोग से नवाचार को बढ़ावा देकर ज्ञान संकुल राष्ट्र गढ़ने का संदेश दिया। सभा ने युवाओं में देशसेवा की ललक जगा दी।