गुजरात के गांधीनगर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को भारत का प्रथम सीबीडीसी-आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने डिजिटल इंडिया को गरीबों के सस्ते अनाज वितरण से जोड़ते हुए सराहना की।
शाह ने उल्लेख किया कि भारत अब विश्व डिजिटल लेन-देन का आधा से ज्यादा हिस्सा संभालता है। 11 साल पहले 60 करोड़ परिवार बैंक रहित थे, मगर मोदीजी के नेतृत्व में भारत डिजिटल क्रांति का नेतृत्व कर रहा है।
डीबीटी ने 15 लाख करोड़ का घोटाला रोका, उसी प्रकार यह नई व्यवस्था पारदर्शिता लाएगी और पीएम के ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ को लागू करेगी।
पीडीएस सुधारों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि तौलने वाले स्केल डिजिटल बने, फर्जी कार्ड समाप्त हुए, ई-राशन कार्ड आया, वन नेशन वन राशन कार्ड चला और अब सीबीडीसी से अपार पारदर्शिता आएगी।
कांग्रेस काल में 500 गांव जुड़े थे, आज 1.07 लाख गांव डिजिटल हैं। 81 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन योजना यूरोप की दो गुना आबादी को खाद्य सुरक्षा दे रही है।
मोदी सरकार की योजनाएं चमक रही हैं- 4 करोड़ आवास, 13 करोड़ जल कनेक्शन, 13 करोड़ उज्ज्वला सिलेंडर, 12 करोड़ शौचालय और 2.91 करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बनीं। यह सबका विकास है।