दिल्ली सरकार ने भूमि विवादों को जड़ से समाप्त करने के लिए ‘भू आधार’ प्रणाली लागू करने का बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में हर भूखंड को 14 अंकों वाला यूएलपीआईएन मिलेगा, जो रिकॉर्ड्स को डिजिटल और सुरक्षित बनाएगा।
‘यह डिजिटल हथियार भ्रष्टाचार और अनिश्चितता को दूर करेगा,’ गुप्ता ने कहा। पीएम मोदी के डिजिटल इंडिया से प्रेरित यह योजना 2016 से लंबित थी, अब राजस्व आईटी विंग और सर्वेक्षण विभाग मिलकर इसे तेजी से अमल में ला रहे हैं।
उन्नत तकनीक से ड्रोन इमेजरी और विशाल डेटा सेट का सहारा लेकर सटीक सीमांकन होगा। तिलंगपुर कोटला पायलट में सफलता मिली है। 132.07 लाख के बजट से योजना आगे बढ़ रही है।
लाभ साफ हैं- सीमा विवाद कम, धांधली रुकेगी, विभागों में डेटा एकीकरण होगा। आम आदमी को जमीन की पूरी डिटेल एक क्लिक पर। गुप्ता ने जोर देकर कहा कि गरीबों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे, यही सरकार का लक्ष्य है। यह कदम राजधानी को नई दिशा देगा।