ओडिशा विधानसभा में एक भावुक माहौल में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, स्पीकर सुरमा पाढ़ी और डिप्टी सीएम कनक वर्धन सिंह देव ने संत कवि भीमा भोई की पुण्यतिथि पर उनकी मूर्ति को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस समारोह ने भोई के जीवन की सादगी और समाज सुधार के प्रयासों को केंद्र में रखा।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि सभा में कहा कि भीमा भोई ने भक्ति मार्ग से समाज में समानता की लहर चलाई। उनके छंद ओडिशा साहित्य की अमर धरोहर हैं, जो राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हैं। दुखी जनों के प्रति उनकी करुणा आज भी प्रासंगिक है।
सामान्य परिवार में जन्मे भोई, नेत्रहीन होते हुए भी अपनी अंतर्दृष्टि से महिमा धर्म का प्रचार किया। उनकी रचनाओं ने ओडिशा की साहित्य धारा को नई दिशा दी, शांति व एकता का संदेश दिया।
राज्य भर में सांस्कृतिक संगठनों ने अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से उनकी स्मृति मनाई। यह अवसर ओडिशा के सामाजिक परिवर्तन में उनके योगदान को रेखांकित करता है। बिना पढ़ाई के भी उन्होंने साहित्य जगत में अमिट छाप छोड़ी, जो युवाओं के लिए प्रेरणा है।
भीमा भोई का संदेश आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देता रहेगा।