भारत-पाकिस्तान विश्व कप मैच को लेकर सियासी हंगामा तेज हो गया है। कांग्रेस के राशिद अल्वी ने नई दिल्ली में 15 फरवरी को आईएएनएस से कहा कि पाकिस्तान जैसे दुश्मन देश के साथ क्रिकेट नहीं खेलना चाहिए। “खेल दोस्तों के लिए होता है, शत्रुओं के लिए खून की होली।”
आतंकी घटनाओं का हवाला देते हुए अल्वी बोले, “पाकिस्तान हमारे मुल्क में दहशत फैलाता है, लोगों को मारता है। ऐसे में हार-जीत का खेल कैसे?”
पहलगाम कांड का जिक्र कर कहा, “पाकिस्तान आतंक में डटा है। 28-29 भाइयों का खून बहाया।”
बोर्ड और सरकार पर टिप्पणी करते हुए बोले, “बीसीसीआई सरकार के इशारे पर चलता है। मैच न खेलने का फैसला दिल्ली को लेना होगा।”
मैच की भविष्यवाणी में कहा, “भारत जीतेगा, पाकिस्तान बुरी तरह हारेगा। हमारा रिकॉर्ड बेदाग।”
टीएस सिंहदेव ने चर्चा को व्यापक बनाया: “टी20 मैच से बड़ा सवाल पाक रिश्तों का। क्या आतंक के बीच शत्रुता खत्म करें? सीमा की अनदेखी कैसे?”
महाराष्ट्र सपा प्रमुख अबू आजमी ने कहा, “पाक का आतंक चरम पर, फिर भी क्रिकेट दोस्ती? असंभव।”
ये आवाजें खेल राजनीति के घालमेल को रेखांकित करती हैं। रविवार का मुकाबला अब सिर्फ बल्ला-गेंद का नहीं, राष्ट्रीय गौरव का सवाल बन चुका है।