मालेगांव में डिप्टी मेयर के कक्ष में टीपू सुल्तान की फोटो सजाने का मामला गरमा गया है। एनसीपी प्रवक्ता आनंद परांजपे ने इसे सरकारी पद की मर्यादा का अपमान बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है।
मीडिया से बातचीत में परांजपे ने स्पष्ट कहा, ‘ऐसे विवादास्पद व्यक्तियों की तस्वीरें सरकारी स्थानों पर नहीं होनी चाहिए। केवल राष्ट्रनेताओं का स्थान है वहां। यह ऐतिहासिक अशुद्धता है।’ भाजपा ने इसे वोटबैंक की राजनीति का हथकंडा करार दिया है।
राज्य भर में बहस तेज हो गई है और विरोध प्रदर्शन शुरू हो चुके हैं।
भारत-अमेरिका के रक्षा करार पर विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए परांजपे बोले, ‘राष्ट्रीय हित का यह समझौता विपक्ष की राजनीति का शिकार हो रहा है। वे संसद हो या मीडिया, गलत सूचनाएं फैला रहे हैं।’
दिल्ली के ‘सेवा तीर्थ’ पीएमओ उद्घाटन को परांजपे ने प्रशासनिक सुधार का मील का पत्थर बताया। ‘आधुनिक तकनीक और हरित डिजाइन से लैस यह केंद्र सेवा भाव का प्रतीक है।’
एनसीपी (एसपी) के आंतरिक बयानों पर उन्होंने कहा, ‘अजीत पवार के बारे में गलत प्रचार हो रहा है। पार्टी की बंद कमरों की बातें बाहर लाकर विभाजन की कोशिश की जा रही है।’
परांजपे के ये विचार राज्य की राजनीति के बहुआयामी चेहरे को रेखांकित करते हैं।