लोकसभा में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर जोरदार बहस छिड़ गई। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इसे स्पष्ट रूप से किसान-विरोधी बताते हुए सरकार पर निशाना साधा। उनका कहना है कि इससे कृषि क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित होगा, लाखों किसानों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।
भाजपा ने गांधी के दावों को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया। पार्टी के राष्ट्रीय प्रचारक आरपी सिंह ने कहा कि डील किसानों के फायदे में है। उन्होंने याद दिलाया कि मोदी सरकार ने 2019 में आरसीईपी से किनारा किया था ताकि किसान सुरक्षित रहें, जबकि यूपीए ने 2012 में इसे आगे बढ़ाने की कोशिश की। पीएम किसान हितों को सर्वोपरि मानते हैं।
पंजाब से भाजपा के फतेह जंग सिंह बाजवा ने कहा कि विपक्ष के पास ठोस तर्क नहीं हैं। पीयूष गोयल ने पुष्टि की है कि समझौते का कृषि पर कोई बुरा प्रभाव नहीं। सरकार ने किसानों के लिए मजबूत सुरक्षा चक्र तैयार किया है।
शिवसेना के संजय निरुपम ने डील के पूरा होने की पुष्टि की, ट्रंप द्वारा घोषित। टैरिफ 18 फीसदी पर तय हो सकता है, मगर पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों को भड़काना गंभीर अपराध है। सभी को इंतजार करना चाहिए जब तक शर्तें स्पष्ट न हों। यह घटना अंतरराष्ट्रीय व्यापार और घरेलू हितों के टकराव को उजागर करती है। भविष्य में यह डील देशहित साबित होगी या विवाद का कारण बनेगी, समय बताएगा।