कर्नाटक में लंबे समय से चली आ रही क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने के लिए विपक्ष के नेता आर अशोक ने मुख्यमंत्री सिद्धरामैया से बजट में 15,000 करोड़ रुपये आवंटित करने की अपील की है। यह मांग प्रो. गोविंदा राव समिति के सुझावों पर आधारित है।
अशोक ने शनिवार को बयान जारी कर कहा कि कांग्रेस का लंबा शासनकाल और सिद्धरामैया के अनेक बजट प्रस्तुत करने के बावजूद राज्य में असंतुलन गहरा गया है। इसकी भरपाई हेतु अलग से पर्याप्त बजटीय प्रावधान किया जाए। अन्य विभागों या विकास बोर्डों की साधारण राशि को इसमें शामिल न किया जाए।
प्रो. नंजुंडप्पा समिति द्वारा चिह्नित पिछड़े तालुकों का प्रतिशत 65 से उछलकर 72.8 हो गया है। अशोक ने कांग्रेस पर पिछड़े क्षेत्रों के नाम पर ढोंग बंद करने और अब सत्ता में होने पर ठोस कदम उठाने का आह्वान किया।
राज्य सरकार कर्नाटक को एनएसडीपी में शीर्षस्थ बताती है, लेकिन असंतुलन के जड़ों पर काम जरूरी है। समिति की 11 सिफारिशों को लागू करने हेतु निगरानी इकाई स्थापित हो, जो फंड के आवंटन से लेकर परिणाम तक सबकी जांच करे। समयबद्धता और दुरुपयोग पर सजा अनिवार्य हो।
लोगों में कल्याण कर्नाटक बोर्ड के संचालन पर असंतोष बढ़ा है। योजनाएं विशेषज्ञों की राय और जरूरी आवश्यकताओं पर टिकी हों, न कि नेताओं की पसंद पर। समिति के अनुसार, नियमित के अलावा विशेष फंड पिछड़ापन मानकों पर बांटा जाए, ताकि विकास समान रूप से पहुंचे।