भारत सरकार ने औपनिवेशिक निशानियों से किनारा करने का साहसिक फैसला लिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय अब ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरित हो गया। 13 फरवरी 2026 को साउथ ब्लॉक की आखिरी कैबिनेट बैठक के बाद पीएम मोदी ने नए परिसर का शुभारंभ किया।
ब्रिटिश राज के जमाने के साउथ और नॉर्थ ब्लॉक लंबे समय तक प्रशासनिक केंद्र रहे, लेकिन अब उनका दौर समाप्त। स्वतंत्रता के 75 वर्ष बाद यह बदलाव ऐतिहासिक है, जो गुलामी के चिह्नों से आजादी और सेवा परक शासन की घोषणा करता है।
पीएम मोदी ने उद्घाटन पर जोर दिया कि सेवा भारत की सच्ची पहचान है। पीएमओ, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को एक छत में लाने से कार्यप्रणाली एकीकृत और प्रभावी बनेगी। ‘नागरिक देवो भव’ का संदेश परिसर की पहचान है।
सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत केंद्रीय सचिवालय कर्तव्य भवन और राजपथ कर्तव्य पथ बना चुका है। सेवा तीर्थ में डिजिटल तकनीक और उन्नत व्यवस्थाएं देश की प्रगति को नई गति देंगी। यह कदम न केवल भौगोलिक बदलाव, बल्कि सांस्कृतिक पुनरुत्थान का प्रतीक है।