मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से साफ ललकारा—जांच में गलत रिपोर्ट लगाने वालों पर एफआईआर अनिवार्य। सभी मामलों में पूर्ण निष्पक्षता बरतें, अन्यथा सख्ती बेशुमार।
गोरखनाथ मंदिर के जनता दर्शन में शनिवार को सैकड़ों ने दरबार लगाया। स्मृति भवन बाहर सीएम ने 150 से अधिक फरियादियां सुनीं। सभी को तसल्ली दी—समस्याएं हल होंगी। अधिकारियों को तत्काल निर्देश: शिकायतें जल्द सुलझाएं, गुणवत्ता बनाए रखें।
फर्जी रिपोर्ट की शिकायतें प्रमुख रहीं। योगी ने जांच के बाद दोषी बनाम एफआईआर का हुकुम सुनाया। पीड़ित सहायता में शिथिलता मंजूर नहीं। भूमि अतिक्रमण पर कठोर विधिक कदम, चिकित्सा सहायता के लिए तुरंत एस्टीमेट और कोष से मदद।
बच्चों को सीएम ने प्यार से नवाजा—आलिंगन, मिठाई और विद्या का मंत्र। दिनचर्या में भक्ति—गोरखनाथ दर्शन, अवेद्यनाथ जी समाधि पर मत्था टेका, मंदिर फेरा और गायों को गुड़ खिलाया।
यह घटना योगी मॉडल को रेखांकित करती है: जनसंपर्क, दायित्वबोध और दया का संगम। उत्तर प्रदेश में नौकरशाही की जड़ें कमजोर होंगी, न्याय जल्दी पहुंचेगा।