रामलिंगम हत्या प्रकरण में एनआईए ने डिंडीगुल के इम्ताथुल्लाह के खिलाफ चेन्नई कोर्ट में मजिस्ट्रेट के समक्ष आरोपपत्र प्रस्तुत किया। उसे पीएफआई के हत्यारों को लंबे समय तक पनाह देने का दोषी ठहराया गया है।
2019 की इस सनसनीखेज घटना ने तमिलनाडु को हिला दिया था। तिरुभुवनम में निर्मम हत्या से सांम्यिक सौहार्द खतरे में पड़ गया। एनआईए की जांच ने साजिश की परतें खोलीं और अब इम्ताथुल्लाह पर शिकंजा कस गया।
जांच रिपोर्ट कहती है कि आरोपी ने फरार अपराधियों को कोडाइकनाल के अपने बिरयानी रेस्टोरेंट में छह वर्षों तक रखा। 5 फरवरी को धर्मांतरण विवाद से उपजी दुश्मनी ने उसी दिन हत्या का रूप ले लिया।
पहले चरण में 18 नामजद, छह फरार। क्रमिक गिरफ्तारियां हुईं—2021 में एक, 2025 में तीन। इम्ताथुल्लाह की गिरफ्तारी ने मामला मजबूत किया। सभी मुख्य आरोपी अब जेल की सलाखों के पीछे।
प्रतिबंधित पीएफआई के अन्य कर्ताधर्ताओं पर नजर। एनआईए का यह प्रयास कानून की जीत का प्रतीक बनेगा।