कोलकाता के जोड़ासांको में इतिहास और राजनीति का अनोखा संगम है। टैगोर के बचपन की यह धरती आज टीएमसी का गढ़ बनी, जो कभी कांग्रेस का किला थी। नाम दो पुलों से पड़ा, लेकिन चुनावी जंग ने इसे नया रंग दिया। ममता के टीएमसी बनने के बाद 2001 से लगातार पांच जीत।
2021 में विवेक गुप्ता की जीत भाजपा पर, लेकिन कांटे की टक्कर- कभी 778, कभी 819 वोट। लोकसभा में उलटा ट्रेंड: भाजपा की बढ़त 16,482 (2014), 3,882 (2019), 7,401 (2024)। कोलकाता उत्तर में टीएमसी जीतती, लेकिन यहां भाजपा मजबूत।
गैर-बंगाली व्यापारी राष्ट्रीय पटल पर भाजपा समर्थक, स्थानीय विकास पर ममता। 11 वार्ड, चित्तरंजन एवेन्यू से बड़ाबाजार तक व्यापारिक हब। मारवाड़ी, हिंदी भाषी, पुराने बंगाली का मेल।
विधानसभा चुनाव नजदीक, टीएमसी की पकड़ बरकरार? या भाजपा का दखल? यह सीट पूरे बंगाल का आईना बनेगी।