कोटा के कोचिंग नगर में नीट की होड़ ने फिर एक मासूम जिंदगी छीन ली। मध्य प्रदेश निवासी 18 साल की छात्रा ने दादाबाड़ी इलाके में जहर पीकर आत्महत्या कर ली। 13 फरवरी की रात 10 बजे यह करुण घटना घटी, जिसने पूरे शहर को सदमे में डाल दिया।
तीन माह से कोटा में कोचिंग ले रही लड़की ने अज्ञात कारणों से विषाक्त पदार्थ ग्रहण कर लिया। जहर का असर होते ही उल्टी शुरू हो गई और वह कराहते हुए दोहरा रही थी कि भूल हो गई, किसी तरह बचाओ।
सहपाठी और मकान स्वामी ने तत्काल उसे प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाकर भर्ती कराया, मगर चिकित्सकों के सारे प्रयास विफल रहे। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिवार को मिला, जिन्होंने मध्य प्रदेश से कोटा का रुख किया।
एसएचओ बलदेव राम के मुताबिक, वह मेडिकल परीक्षा की तैयारी में लगी थी। वहीं रहने वाले एक परिजन ने बताया कि विषपान के बाद तुरंत बुराइ आई। अन्य रहवासियों ने मालिक को सूचना दी, जिसने तुरंत परिवार को फोन कर चिकित्सा व्यवस्था की।
भाई ने बताया कि छात्रा पूर्व में भी कोटा आ चुकी थी, तीन माह पहले स्वेच्छा से लौटी। पढ़ाई का बोझ नहीं था, नतीजे शानदार थे। शाम को हुई बात भी ठीक थी। परिवार कारण जानने को बेचैन है।
केस की तफ्तीश चल रही है, रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार। कोटा की यह त्रासदी छात्र मानसिकता पर सवाल खड़े करती है। कोचिंग संस्थानों को सलाह है कि स्ट्रेस मैनेजमेंट प्रोग्राम चलाएं, ताकि ऐसी घटनाएं रुकें।