पटना में 13 फरवरी को जदयू के वरिष्ठ नेता खालिद अनवर ने ‘वंदे मातरम’ को लेकर उपजे विवाद पर कड़ा रुख अपनाया। मुस्लिम संगठनों के विरोध पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत पर राजनीतिक रोटियां सेंकना उचित नहीं।
सरकार का यह निर्देश देशप्रेम की भावना जगाने वाला है, भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं। अनवर ने सलाह दी कि आपत्तिकर्ता संगठन सरकार से संवाद करें, अपनी बात रखें। यह राष्ट्रहित का विषय है, सभी को इसका सम्मान करना चाहिए।
लोकसभा में राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए अनवर ने दुबे की मांग का समर्थन किया। सदन की गरिमा का ध्यान रखें, उन्होंने कहा। नरवणे की किताब पर रक्षा विभाग ने रोक लगाई, तो सदन में सवाल क्यों? यह सुरक्षा के साथ लापरवाही है।
बिहार में अपराध नियंत्रण पर अनवर ने पलटवार किया- सख्त नीति से अपराधी सलाखों के पीछे हैं। पुराने जंगलराज के जिम्मेदार अब कानून की बात करें, यह मजाक है। सम्राट चौधरी का योगदान उल्लेखनीय है, शांति के लिए विपक्ष समर्थन दे।
ये बयान राजनीतिक बहस को नई दिशा देते नजर आ रहे हैं।