नागपुर में कांग्रेस नेता नाना पटोले ने बीजेपी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने खुलासा किया कि बीजेपी की गुप्त बैठकों का मुख्य एजेंडा राहुल गांधी को जाल में फंसाना है। निशिकांत दुबे की सदस्यता रद्द करने की मांग को पटोले ने सिरे से खारिज किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश के ज्वलंत सवालों को दबाने के लिए राहुल को टारगेट किया जाता है। लेकिन गांधी परिवार की शहादत के आगे ये साजिशें विफल होंगी। पूरा देश इस परिवार के योगदान को याद रखता है।
पीयूष गोयल और शिवराज सिंह चौहान की किसान-समर्थक छवि पर पटोले ने हमला बोला। गोयल व्यापारी पृष्ठभूमि के हैं, उन्हें किसानों का दर्द नहीं पता। उन्होंने किसानों को व्यापार बना दिया। चौहान अपनी कुर्सी की चिंता में हैं।
‘वंदे मातरम’ विवाद पर पटोले ने मुसलमानों के देशभक्ति का बचाव किया। बीजेपी ऐसे बयानों से सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करती है। जमीयत बीजेपी के करीब लगती है।
राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का सम्मान जरूरी है। सरकार का गान से पहले गाने का नियम बेमानी है। पटोले ने ऐसे बयानों की निंदा की।
यह बयान विपक्ष और सत्ताधारी दल के बीच टकराव को नई ऊंचाई दे रहा है।