नई दिल्ली में ड्रग्स के अवैध साम्राज्य पर दिल्ली पुलिस ने करारा प्रहार किया है। क्राइम ब्रांच और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने 68 लाख रुपये से ज्यादा मूल्य की संपत्तियों को एनडीपीएस कानून के दायरे में फ्रीज कर दिया।
जब्ती में व्यावसायिक प्रतिष्ठान, वाहन, नकदी भंडार और बैंक जमाराशियां शुमार हैं। यह कदम ड्रग नेटवर्क की वित्तीय नींव हिला देने वाला है, जिससे इनका कारोबार ठप हो सके।
प्रथम घटना में हेरोइन माफिया की 7.6 लाख की संपत्ति पर लगी सेंध। वर्षों की तस्करी से बनी पूंजी का पर्दाफाश वित्तीय जांच से हुआ।
मुख्य कार्रवाई साइकोट्रोपिक दवाओं के अवैध व्यापार पर केंद्रित रही, जहां 60.69 लाख की संपत्तियां पकड़ी गईं। बैन दवाओं की सप्लाई से अर्जित धन को पुलिस ने छीना।
इंस्पेक्टर राकेश दुहन के नेतृत्व में, एसीपी सतेन्द्र मोहन की रणनीति और डीसीपी संजीव कुमार यादव की देखरेख में यह ऑपरेशन सफल रहा। आगे भी ऐसी सख्तियां जारी रहेंगी।
ड्रग्स के खिलाफ यह जंग समाज की भलाई के लिए जरूरी है। पुलिस की यह रणनीति अपराधियों को सबक सिखाती है और नई पीढ़ी को नशे के जाल से बचाती है। राजधानी में शांति और समृद्धि सुनिश्चित करने का संदेश स्पष्ट है।