राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया ने कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘माइग्रेंट’ वाले बयान पर जोरदार प्रतिक्रिया दी है। कर्नाटक के बजट बहस में बाहरी ठहराए जाने पर उन्होंने न सिर्फ अपनी पीड़ा बयां की, बल्कि सोनिया गांधी को भी लपेटे में ले लिया।
एक्स पोस्ट में सिरोया ने कहा, ‘खड़गे जी का प्रवासी कहना दुखदायी। मेरा जन्म राजस्थान में, लेकिन जीवन कर्नाटक में। यहां के लोगों का प्यार मिला, घुल-मिल गया हूं। कन्नड़िगा होने पर गर्व। राजस्थानी जड़ें तो कोई अपराध नहीं।’
खड़गे के इतिहास पर प्रहार करते हुए बोले, ‘गुलबर्गा निजाम का क्षेत्र था, पढ़ाई हैदराबाद में। राज्यों के गठन के बाद कन्नड़ क्षेत्र में शामिल हुए। उनकी अपनी परिभाषा से तो वे भी बाहरी!’
सिरोया ने सीधे सोनिया पर तीर चलाया। ‘खड़गे जी के साथी सदस्य सोनिया गांधी- अंदरूनी या बाहरी? इटली मूल, राजस्थान से चुनी गईं। क्या वे प्रवासी? राजस्थान भारत का अभिन्न अंग रहा, इटली नहीं।’
बजट चर्चा में कर्नाटक मुद्दे उठाते सिरोया पर यह टिप्पणी हुई। अब सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी है- क्या मूल स्थान राजनीति का पैमाना? भाजपा सिरोया के पक्ष में, कांग्रेस बचाव में। यह टकराव दक्षिण भारत की राजनीति को नई दिशा दे सकता है, जहां स्थानीय बनाम बाहरी बहस पुरानी है। संसद में सौहार्द बनाए रखना चुनौती।