राजधानी दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर राजनीतिक तापमान तेज हो गया है। आप के सौरभ भारद्वाज ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए मोहल्ला क्लीनिकों को ‘आरोग्य मंदिर’ नाम देकर क्रेडिट चुराने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह पुरानी डिस्पेंसरी और क्लीनिकों का महज रिनेमिंग है।
सरकार 370 मंदिरों का ऐलान कर रही है, लेकिन भारद्वाज ने कहा कि बताएं कितने नए हैं। कितने मोहल्ला क्लीनिक, डिस्पेंसरी या एमसीडी सेंटर से बदले गए? नई इमारतें नहीं बनाई जा रही, बल्कि पुरानी उपलब्धियों पर ढिंढोरा पीटा जा रहा है।
ये मंदिर वही जगहों पर हैं, वही स्टाफ के साथ। भारद्वाज ने सीएम रेखा गुप्ता पर निशाना साधा कि उन्होंने क्लीनिक वर्कर्स को नौकरी बचाने का वचन दिया, फिर भी बर्खास्तगी हुई। इससे परिवार टूटे, भरोसा डूबा।
‘दिल्ली जनता को छलावा पसंद नहीं,’ भारद्वाज ने चेताया। पारदर्शी आंकड़े दें- कितने नए बने, कितने नाम बदले। स्वास्थ्य सुधार नामों से नहीं, वास्तविक कदमों से होता है।
यह घमासान दिल्ली की हेल्थ पॉलिटिक्स को नंगा कर रहा है, जहां वादे और हकीकत के बीच बड़ा फासला नजर आता है। जनता अब फैसला लेगी।