तमिलनाडु की सियासत गरमाई। मुख्यमंत्री स्टालिन ने कलैगनार योजना से 1.31 करोड़ महिलाओं को सालाना 5 हजार रुपये की सहायता दी। शुक्रवार को 3 हजार अग्रिम और 2 हजार ग्रीष्मकालीन मदद खातों में डाली गई।
स्टालिन ने दृढ़ संकल्प दिखाया कि अधिकारों का बंटवारा रुकेगा नहीं। द्रविड़ मॉडल 2.0 में मासिक राशि दोगुनी करने का वचन दोहराया, इसे व्यक्तिगत प्रतिज्ञा कहा।
महिलाओं के समर्थन से सत्ता पुन:प्राप्ति का भरोसा जताया। चुनाव आचार संहिता का हवाला देकर रोक की कोशिशें विफल बताईं।
भाजपा की तमिलिसाई ने चुनौती दी। केंद्र की ओर से बाधा का दावा खारिज किया। डीएमके सरकार पर घोषणा के बाद दो वर्ष विलंब का आरोप लगाया, अब वोट जुटाने को भुगतान।
शराब बिक्री से राजस्व कमाने वाली सरकार परिवारों को बर्बाद कर रही, कहा। मुद्रा योजना से तमिलनाडु में करोड़ों लाभान्वित, महिलाओं को व्यवसाय विस्तार के लिए सस्ता ऋण उपलब्ध।
प्रधानमंत्री मोदी की आत्मनिर्भर भारत पहल दीर्घकालिक समाधान देती है। यह टकराव कल्याणकारी राजनीति और विकास मॉडल के बीच जंग को उजागर करता है।