राज्यसभा में गरमाई बहस के केंद्र में रहा न्यूनतम वेतन और अग्निवीर योजना का मुद्दा। टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने ‘उमंग’ नामक यूनिवर्सल न्यूनतम वार्षिक राष्ट्रीय गारंटी की मांग उठाई, जो सभी श्रमिकों को गरीबी से मुक्ति दिलाएगी।
शुक्रवार को उन्होंने बताया कि युवाओं में बेरोजगारी चरम पर है – तीन में से एक नौकरी या पढ़ाई से बाहर। नौकरीपेशा भी 176 रुपये दैनिक वेतन पर अड़े हैं, जो दशक भर से नहीं बदला। इससे उपभोक्ता खर्च ठप हो गया है।
ओ’ब्रायन का प्रस्ताव है एक ऐसा न्यूनतम वेतन जो गिग वर्कर्स से लेकर असंगठित क्षेत्र तक सभी को कवर करे, बिना किसी भेदभाव के। चार सूत्री फॉर्मूले में राष्ट्रीय अधिसूचना, मुद्रास्फीति अनुबंध, सरल संरचना और पूर्ण कवरेज शामिल है।
आप के संजय सिंह ने अग्निवीर को युवाओं के साथ ‘धोखा’ करार दिया। 2019-20 की परीक्षाओं में पास 1.3 लाख आर्मी और 7 हजार एयरफोर्स उम्मीदवार आज भी इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने हरिंदर यादव की कहानी सुनाई, जिन्हें सैनिक की बजाय नौकर बनाया गया। सिंह ने कहा, सेना राष्ट्र गौरव है, इसे कलंकित न करें। योजना से देशभक्त युवाओं का सपना चूर हो रहा है।
विपक्ष की ये चुनौतियां आर्थिक और रक्षा नीतियों पर बहस को तेज कर रही हैं, सुधारों की मांग तेज हो गई है।