उत्तर प्रदेश विधानसभा बुधवार को आरक्षण विवाद की भेंट चढ़ गई। राज्य भर्तियों में कोटा अनुपालन पर सपा विधायक रागिनी सोनकर के सवालों ने आग लगा दी, जिससे हंगामा मच गया और अध्यक्ष सतीश महाना को 10 मिनट का विराम देना पड़ा।
प्रश्नकाल में सोनकर ने एससी-एसटी-ओबीसी आरक्षण की क्रियान्वयन प्रक्रिया पर अस्पष्टताओं का खुलासा किया। मंत्री सुरेश खन्ना ने आंकड़े पेश कर सफाई दी- 2017 से 47 हजार भर्तियां: सामान्य 18 हजार, ईडब्ल्यूएस 2081, एससी 9580, एसटी 447, ओबीसी 17295।
असंतुष्ट विधायक के पूरक सवालों पर सत्ताधारी विधायकों का बोलना सदन में अफरा-तफरी मचा गया। अध्यक्ष ने सत्ता पक्ष को फटकार लगाई और स्थगन की घोषणा की। बाद में सदन सामान्य चला।
संग्राम सिंह यादव ने आजमगढ़ राजकीय मेडिकल कॉलेज के 100+ आउटसोर्स कर्मियों की बर्खास्तगी पर सवाल किया। अनिल राजभर ने स्थायीकरण नामुमकिन बताते हुए सुरक्षा निगम का जिक्र किया। विपक्ष ने कंपनियों के जरिए वेतन और पीएफ में गड़बड़ी का आरोप लगाया, सरकार ने जांच का वादा किया।
परिवहन मंत्री ने 50 सीसी बाइक के लिए 16 साल वालों को लाइसेंस पर केंद्र से मंजूरी मांगने की बात कही। यह वाकया विधानसभा सत्र में रोजगार आरक्षण पर बढ़ते पेंच को दर्शाता है।