पुरी के जगन्नाथ मंदिर के निकट प्राचीन श्री लोकनाथ मंदिर में विजया एकादशी पर भक्तों का तांता बंध गया है। सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही हजारों श्रद्धालु पंकोद्धारा रस्म के लिए उत्साहित होकर मंदिर पहुँच रहे हैं।
मंदिर का पवित्र कुंड भक्तों के स्नान से गुलजार है। इस अनुष्ठान में सदैव जलमग्न रहने वाले शिवलिंग को विशेष सफाई के बाद प्रकट किया जाता है। पुजारीगण इसे बाबा के प्रथम और पूर्ण दर्शन का अवसर बताते हैं।
शशांक शेखर महापात्रा ने विशेष बातचीत में कहा, ‘दुनिया भर के शिवालयों में केवल यहीं यह परंपरा निभाई जाती है। आज के दर्शन आत्मशुद्धि प्रदान करते हैं, जो लाखों शिवलिंग पूजा के बराबर पुण्य देते हैं।’
व्यवस्था में दो पंक्तियों का प्रबंधन किया गया है, जिसमें प्रशासन और शांति बल सहयोग कर रहे हैं। मंदिर ओडिशा का सर्वाधिक पुरातन है, जहाँ शिवलिंग को राम रूप माना जाता है। कुंड का जल रोगनाशक माना जाता है, विशेषकर शिवरात्रि से पूर्व।
यह उत्सव पुरी की आध्यात्मिकता को नई ऊँचाई प्रदान करता है, जहाँ परंपरा और श्रद्धा का अनुपम मेल होता है।