हास्य अभिनेता राजेंद्र नाथ का नाम हिंदी फिल्म इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों से लिखा है। 60-70 के दौर में उन्होंने अपनी अलग कॉमेडी शैली से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। खासकर देव आनंद की ‘जब प्यार किसी से होता है’ में पोपटलाल बने तो दर्शक दीवाने हो गए। आशा पारेख संग केमिस्ट्री और हास्य का तड़का कमाल का था।
इस किरदार ने करियर को नई उड़ान दी। 200 से अधिक फिल्मों में उनका जलवा देखने को मिला। थिएटर से सिनेमा तक का सफर संघर्षपूर्ण रहा, लेकिन हर रोल में जान फूंक दी। वे सिखाते रहे कि प्रदर्शन सर्वोपरि है।
टीकमगढ़ में 1931 में पैदा हुए इस कलाकार का 2008 में हार्ट अटैक से स्वर्गवास हो गया। फिर भी, क्लासिक फिल्में देखते ही उनकी याद ताजा हो जाती है। पोपटलाल का जादू कभी फीका नहीं पड़ेगा।