गोवा के भूमि हड़पने के जटिल नेटवर्क पर प्रवर्तन निदेशालय ने करारा प्रहार किया है। पणजी जोनल ऑफिस ने मोहम्मद सुहैल और सहयोगियों के विरुद्ध मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप पत्र 20 नवंबर 2025 को दायर किया। 2 जनवरी 2026 को कोर्ट ने मामले को मान्यता दी।
गोवा पुलिस की विशेष जांच टीम की 2024 चार्जशीट और 2022 एफआईआर इस जांच की नींव हैं। सुहैल, एक कुख्यात भूमि डकैत, ने अंजुना की मूल्यवान जमीन पर नजरें गाड़ीं। उसका तिकड़म था नकली ‘माल्विन जी. लोबो’ बनाना, जिसके लिए जाली दस्तावेज रचे गए।
झूठे कागजातों से सक्सेशन डीड, पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर संपत्ति उसके साथी, फिर पत्नी अंजुम शेख और अंततः शेख सलीम के नाम हो गई। कम कीमत पर रजिस्ट्रेशन कर अपराध की कमाई को वैध ठहराया गया। 2025 में गिरफ्तार सुहैल जेल में है।
कोर्ट में वीडियो लिंक से पेशगी हुई। गोवा के रीयल्टी बाजार में बढ़ते ऐसे फ्रॉड से सबक लेते हुए डिजिटल सत्यापन जरूरी है। ईडी की यह सफलता भविष्य के अपराधों को रोकने में मील का पत्थर साबित होगी।