पुणे पुलिस का दावा- नशे में झगड़े से मरा पुरुलिया का सुखेन महतो, लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने इसे पुलिस का झूठा नैरेटिव करार दिया। बंगाली पहचान पर हमले का केस बनाते हुए पार्टी ने केंद्र शासित भाजपा राज्यों पर निशाना साधा।
मामला सोमवार रात का। महतो दोपहर 3 बजे काम के लिए निकले, लेकिन ड्यूटी जॉइन नहीं की। कोरेगांव में नशे की अवस्था में दो व्यक्तियों से भिड़ गए। सीसीटीवी में तीखी बहस कैद, मगर चाकूबाज हमला नहीं। शव घटनास्थल के पास मिला।
टीएमसी का पलटवार तीव्र। अभिषेक बनर्जी कल मृतक परिवार से मिलने पुरुलिया जाएंगे। ममता बनर्जी ने ट्वीट में भाषा-आधारित प्रताड़ना का आरोप जड़ दिया। भाजपा राज्यों में बंगाल मजदूरों की हत्याओं का सिलसिला जारी, पुलिस हर बार नशे का कार्ड खेलती।
परिवार ने कहा- पहचान के कारण निशाना। इंस्पेक्टर गायकवाड़ प्रारंभिक जांच पर भरोसा जताते हैं, लेकिन तृणमूल इसे साजिश मानती।
प्रवासी जीवन की कठिनाइयों के बीच यह हादसा警钟 बजा रहा। न्याय और सुरक्षा के लिए राजनीतिक दबाव बढ़ेगा, पुणे की जांच पर सवाल बरकरार।