श्रम कानूनों के विरोध में ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल ने झारखंड को गुरुवार को जकड़ लिया। धनबाद से जमशेदपुर तक औद्योगिक गतिविधियां रुक गईं, कोयला उत्पादन, बैंकिंग व ट्रांसपोर्ट बुरी तरह चपेट में आए।
धनबाद में खदानों पर यूनियन कार्यकर्ता डट गए, संयुक्त बैनर तले उत्पादन-परिवहन हा गया। बोकारो के प्रमुख इलाकों कथारा, स्वांग व जारंगडीह में कामकाज सीमित, भारतीय मजदूर संघ अलग रहा। गिरिडीह में सड़कें अवरुद्ध, वाम दलों ने गांवा-जमुआ पर जाम लगाया।
देवघर चितरा में हड़ताल समर्थक व पुलिस आमने-सामने, हिरासत की कार्रवाई हुई। जमशेदपुर में सैकड़ों मेडिकल reps ने डीसी गेट पर धरना, ट्रैफिक प्रभावित। बैंकों में ग्राहक परेशान, नकदी निकासी रुकी।
यूनियन प्रतिनिधियों ने श्रम कानूनों को कर्मचारी-विरोधी बताते हुए आंदोलन तेज करने का ऐलान किया। सरकार ने जिलों में सुरक्षा बढ़ाई। यह घटना केंद्र की नीतियों पर श्रमिक गुस्से को उजागर करती है, संवाद की जरूरत बताती है।