रायपुर जिला अदालत में गुरुवार सुबह सनसनीखेज घटना घटित हुई। हत्या प्रयास के दो आरोपी राजेश मार्कंडेय और तुलाराम मार्कंडेय पेशी के दौरान पुलिस की हिरासत से भाग निकले। हाथों में हथकड़ियां लगे होने के बावजूद उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को नाकाम कर दिया।
रायपुर सेंट्रल जेल से लाए गए इन कैदियों की सुनवाई चल रही थी। क्लर्क की निगरानी में वे थे, लेकिन आवागमन के दौरान सुरक्षा में पाई गई ढील का फायदा उठाकर परिसर से बाहर हो गए।
अफरा-तफरी मच गई। अलार्म बजते ही कर्मचारी और वकील सक्रिय हुए, लेकिन तब तक आरोपी गायब हो चुके थे। पुलिस ने फौरन तलाशी अभियान चला दिया।
कई थानों की टीमें शहर और आसपास के इलाकों में छानबीन कर रही हैं। राजमार्गों पर नाके लगे हैं, रेलवे स्टेशन व बस अड्डों पर सतर्कता बरती जा रही है। सहयोगियों के ठिकानों पर दबिश दी जा रही।
पड़ोसी राज्यों को भी सूचित कर दिया गया है। राज्य में जेल व अदालतों की सुरक्षा व्यवस्था पर यह घटना गंभीर सवाल उठाती है। पहले भी ऐसी चूकें सामने आ चुकी हैं।
अधिकारी पूरे प्रकरण की जांच कर रहे हैं। क्या यह सुनियोजित था या महज लापरवाही? जवाब मिलने पर कार्रवाई होगी। पुलिस ने जनता से सहयोग की अपील की है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग तेज हो गई है।