असम राइफल्स और डीआरआई की टीम ने कछार जिले में नशा तस्करों पर शिकंजा कसा। म्यांमार मार्ग से आ रही 3.2 करोड़ रुपये की हेरोइन की खेप को रोक लिया गया। दो आरोपी गिरफ्त में हैं और पूछताछ जारी है।
रात के अंधेरे में एनएच-306 पर अभियान चलाया गया। कछार, श्रीभूमि और हैलाकांडी जिलों की मिजोरम से लंबी सीमा तस्करी को बढ़ावा दे रही है। मिजोरम म्यांमार का पड़ोसी होने से नशे का बड़ा केंद्र बन गया।
जब्त वाहन से हेरोइन और मोबाइल बरामद हुआ। यह खेप म्यांमार से होकर असम पहुंची थी और आगे देशभर में वितरित होनी थी। दोनों एजेंसियां नियमित पेट्रोलिंग और छापेमारी से नेटवर्क को कमजोर कर रही हैं।
पहले ही 10 फरवरी को मिजोरम के नगोपा में 3.5 करोड़ की मॉर्फीन जब्ती हुई। कासिम व मुकीम अली को असम राइफल्स, पुलिस और एसआईबी ने पकड़ा।
मिजोरम की 510 किमी म्यांमार सीमा बिना बाड़ के है, जबकि बांग्लादेश से 318 किमी पहाड़ी इलाका। चिन राज्य से आने वाले नशीले पदार्थ चम्फाई, सियाहा, लॉन्गतलाई, हनहथियाल, सैतुअल व सेरछिप जिलों से प्रवेश करते हैं।
पूर्वोत्तर की यह लगातार सफलताएं नशामुक्त भारत की दिशा में मजबूत कदम हैं। सुरक्षाबलों की सतर्कता से तस्करों में खलबली मच गई है।