बेंगलुरु में कांग्रेस की आंतरिक कलह ने जोर पकड़ लिया है। विधायक इकबाल हुसैन ने खुलासा किया कि 80-90 विधायक डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने के पक्ष में हैं। रामनगर में मीडिया से बात करते हुए हुसैन ने शिवकुमार की कर्तव्यनिष्ठा का हवाला देते हुए कहा कि वे पद के सच्चे हकदार हैं।
यह बदलाव सरकार की कार्यप्रणाली को मजबूत करेगा और चुनावी समर में कांग्रेस को बल देगा, उनका मानना है। 140 विधायकों में बदलाव की लहर है, खासकर नेतृत्व परिवर्तन पर बहस छिड़ी हुई है। शिवकुमार को पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया गया।
इस बीच, सिद्धारमैया समर्थक विधायकों के विदेश भ्रमण पर हाईकमान सतर्क है। सुरजेवाला ने यात्रा का पूरा ब्योरा मांगा है, जिसमें राजनीतिक मंसूबों की पड़ताल शामिल है। ऐसा माना जा रहा है कि विवाद दबाने के लिए यह आयोजन हुआ।
बजट सत्र की तैयारी में जुटे सिद्धारमैया के उलट शिवकुमार ने बैठक छोड़ी, लेकिन इजाजत पहले से थी। मंत्री वेंकटेश ने न्यौता ठुकरा दिया और सफाई दी कि यह सरकारी नहीं था। सीएम का कहना है कि यह व्यक्तिगत यात्राएं हैं।
10 जनपथ पर नेताओं से भेंट के बाद शिवकुमार ने टालते हुए कहा कि वक्त जवाब देगा। कर्नाटक में यह नेतृत्व संकट पार्टी की भविष्य की दिशा तय कर सकता है।