नई दिल्ली से बड़ी खबर, भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर राहुल गांधी के बजट भाषण से आपत्तिजनक हिस्सों को हटाने की मांग उठाई है। 11 फरवरी की बजट चर्चा में कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए, जिन्हें जायसवाल असंसदीय बता रहे हैं।
पत्र में नियम 380 का हवाला देते हुए जायसवाल ने विशिष्ट वाक्यों का जिक्र किया। जैसे ‘भारत को बेच दिया’, ‘भारत माता को बेच दिया’, यूएस ट्रेड डील को ‘शर्मनाक कृत्य’ और लोगों को ‘मूर्ख बनाने’ वाले बयान। इन्हें 2021 की असंसदीय अभिव्यक्तियों की किताब से जोड़ते हुए तत्काल हटाने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण के लगाए गए आरोप सदन के रिकॉर्ड को दूषित करेंगे। इसलिए कार्यवाही और शब्दशः विवरण से इन्हें मिटाने का निर्देश दें। यह सदन की मर्यादा बचाने के लिए जरूरी है।
राजनीतिक दलों के बीच यह जंग सत्र के दौरान तेज हो गई है। कांग्रेस इसे सरकार की नीतियों पर वैध आलोचना मान रही, वहीं भाजपा इसे अराजकता का प्रयास। अध्यक्ष के फैसले का इंतजार है, जो संसदीय परंपराओं को प्रभावित कर सकता है।
ऐसे विवाद संसद को सुर्खियों में लाते हैं और जनता का ध्यान आकर्षित करते हैं। बजट सत्र में आगे क्या होता है, देखना दिलचस्प होगा।