पालघर में रेल यात्रियों के लिए खतरे की घंटी बजी जब एक युवक लोकल ट्रेन से वैतरणा नदी में गिर पड़ा। बुधवार रात का यह हृदयविदारक हादसा स्थानीय नायकों की बहादुरी से सुखद अंत पा गया।
दहाणू रूट पर चल रही ट्रेन के पुल पार करते ही बोइसार के उदयन वांगड़ गेट से फिसलकर खाड़ी में जा गिरे। अंधेरे में पानी की गहराई ने खतरा बढ़ा दिया, मगर उदयन ने पिलर थामकर खुद को संभाला। ट्रेन ठहर गई, यात्री चीखे।
किनारे पर खबर पाते ही मछुआरे और युवा नाव चलाकर रवाना हुए। जोखिम भरे पानी में उतरकर उन्होंने उदयन को खींचा और किनारे पर लाए। प्राथमिक उपचार के बाद वे स्वस्थ पाए गए।
परिजनों को सूचना दे दी गई है। पुलिस जांच में संतुलन बिगड़ना कारण बताया गया। उदयन बोले, ‘ग्रामीणों ने नया जीवन दिया।’
ट्रेनों में दरवाजा सुरक्षा और पुलों पर सतर्कता बढ़ाने की मांग तेज हो गई। यह घटना सामुदायिक एकजुटता का प्रतीक बनी।