समुद्री रणनीति में भारत का नया अध्याय शुरू हुआ है। कंबाइंड मैरिटाइम फोर्सेस के अंतर्गत कंबाइंड टास्क फोर्स 154 का नेतृत्व पहली दफा भारतीय नौसेना के पास आ गया है। 47 देशों वाले इस बहुपक्षीय मंच पर भारत की यह उपलब्धि रणनीतिक महत्व की है।
11 फरवरी को बहरीन के सीएमएफ हेडक्वार्टर में आयोजित समारोह में कमान हस्तांतरित हुई। अमेरिकी नौसेना प्रतिनिधि, कमांडर वाइस एडमिरल कर्ट ए. रेंशॉ और वाइस एडमिरल तरुण सोबती समारोह में शरीक हुए। कमोडोर मिलिंद मोकाशी ने इटालवी अधिकारी से कमान ली।
2023 के मई में स्थापित सीटीएफ 154 का लक्ष्य सदस्य राष्ट्रों को मध्य पूर्वी समुद्रों में ट्रेनिंग प्रदान करना है। भारत का चयन उसकी विशेषज्ञता और वैश्विक भरोसे को प्रदर्शित करता है।
कार्यक्रम समुद्री गतिविधियों पर नजर, कानूनी अनुपालन, जहाज जांच, सहायता कार्य और नेतृत्व प्रशिक्षण पर जोर देते हैं। मैरिटाइम सिक्योरिटी ट्रेनिंग, कंपास रोज और अन्य अभ्यास तस्करी, समुद्री लुटेरों तथा असामान्य आवागमन से मुकाबला सिखाते हैं।
यह फोर्स सीटीएफ 150 (सुरक्षा), 151 (डकैती रोधी), 152 (अरब सागर) और 153 (लाल सागर) के साथ मिलकर समुद्री मार्ग सुरक्षित रखती है। नौसेना सदस्यों के साथ सहयोग बढ़ाएगी, जिससे समुद्री शांति और भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत होगी।