‘मोदी आर्काइव’ ने लिंकन जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रेरक 2006 वीडियो जारी किया। गुजरात सीएम रहते हुए मोदी ने निरमा यूनिवर्सिटी के छात्रों को अब्राहम लिंकन के संघर्षों से प्रेरित किया।
लिंकन ने जीवन भर विफलताओं को गले लगाया—पंचायत चुनाव हारना, कारोबार चौपट होना, कर्ज चुकाने की मजबूरी। करीब 30 साल की निराशा के बाद वे अमेरिकी राष्ट्रपति बने। मोदी ने इसे धैर्य की जीत बताया।
उन्होंने छात्रों को कहा, ‘लिंकन की तरह असफलताओं से घबराएं नहीं। निरंतर संघर्ष ही सफलता की कुंजी है। हताशा नई संभावनाओं का द्वार खोलती है।’
एक्स प्लेटफॉर्म पर यह वीडियो सुर्खियां बटोर रहा है। युवाओं के लिए यह संदेश स्पष्ट है—इच्छाशक्ति से कोई लक्ष्य असंभव नहीं। लिंकन का इतिहास मोदी के शब्दों में जीवंत हो उठा है, प्रेरणा बांटते हुए।