हैदराबाद। संघीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने बुधवार को तेलंगाना सरकार द्वारा किए गए नगर निगमों के बंटवारे पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने हैदराबाद, गजवेल व नलगोंडा के विभाजन को केंद्र के जनगणना नियमों का उल्लंघन बताते हुए अवैध घोषित किया।
प्रेस से बात करते हुए उन्होंने उल्लेख किया कि जनगणना नोटिफिकेशन के बाद ग्रामों व वार्डों के विभाजन पर रोक थी। राज्य ने फिर भी इसे लागू किया जो असंवैधानिक है।
निदेशालय ने 2025 के अंत से 2027 के मध्य तक स्थिरता का आदेश दिया था। चुनाव के समय अधिकारियों के हस्तांतरण और जीएचएमसी के तीनीकरण से चुनाव आयोग के नियम टूटे।
दूरस्थ गांवों का शहरीकरण बिना संसाधनों के हुआ, जिससे गरीबों की योजनाएं प्रभावित होंगी। क्षेत्र विस्तार भले ही 650 से 2053 वर्ग किमी हो, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कोई रूपरेखा नहीं।
एकतरफा फैसला, ओआरआर सीमा का असंगत उपयोग—महत्वपूर्ण स्थल बाहर, राजनीतिक क्षेत्र अंदर। एआईएमआईएम के दबाव में कांग्रेस का यह कदम विवादास्पद है।
रेड्डी के आक्षेप राज्य सरकार के लिए चुनौती बन गए हैं।