लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के जवाब ने सियासी हंगामा मचा दिया। समाजवादी पार्टी की डिंपल यादव ने तंज कसा कि बजट पर चर्चा के बजाय बंगाल चुनावी माहौल बनाने की कोशिश हुई।
डिंपल ने संवाददाताओं से कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर बंगाल का मुद्दा उठाया, लेकिन यूपी, उत्तराखंड, बिहार व ओडिशा की घटनाओं को छुआ तक नहीं। यह पक्षपाती रवैया चुनावी चाल है।
अमेरिका के साथ ट्रेड डील से किसान व लघु उद्योग प्रभावित होंगे, ऐसा चेतावनी दी। प्रिया सरोज ने बजट की कलई खोली—किसानों की उपेक्षा, जनकल्याण की कमी।
बातें बड़ीं, काम शून्य। युवा व आमजन उपेक्षित। अखिलेश यादव के सवाल अनुत्तरित रहे। यह आंकड़ों व वोट का बजट है, जिसमें बंगाल, कोलकाता व ममता दीदी का बार-बार जाप हुआ। शिक्षा, स्वास्थ्य, खेती व नौकरियों पर मौन।
हमारा विरोध इसी का नतीजा। आनंद भदौरिया बोले, वॉकआउट नहीं किया, पूरा सुना, लेकिन भाषण फीका व राजनीतिक। सवालों से मुंह मोड़ा, बंगाल के बकाये का रोना रोया, वोट की भिक्षा मांगी।
यह टकराव आगामी चुनावों की पूर्वसूचना देता है, जहां बजट को हथियार बनाया जा रहा।