भारतीय बंदरगाह क्षेत्र में हरी क्रांति का नया अध्याय जोड़ा तूतीकोरिन के वीओसी पोर्ट ने। इसकी प्रशासनिक इमारत को आईजीबीसी की प्लैटिनम रेटिंग हासिल हुई, जो किसी बड़े पोर्ट के लिए देश में पहली उपलब्धि है। 4 फरवरी 2026 को मिले इस सम्मान ने पोर्ट की इको-फ्रेंडली पहलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
ऊर्जा के मामले में बिल्डिंग आत्मनिर्भर है—89 प्रतिशत सोलर से स्वयं उत्पादन, बाकी हरित स्रोतों से। उच्च एसआरआई कोटिंग वाली छतें गर्मी नियंत्रित रखती हैं, खपत घटाती हैं।
संसाधन दक्षता चरम पर: स्मार्ट मीटर, वायु गुणवत्ता चेक, जल संग्रहण और बचत युक्त फिटिंग्स से पेयजल खपत 37 प्रतिशत कम। एसटीपी से अपवाह शुद्ध होकर लौटता है।
बीईई के शून्य सर्टिफिकेट एडमिन व गेस्ट हाउस को, जबकि अस्पताल-सीआईएसएफ को शून्य प्लस—अतिरिक्त बिजली ग्रिड में।
स्वास्थ्य व समावेशिता सुनिश्चित: नो-स्मोकिंग, हरे केमिकल, पहुंच योग्य रास्ते, विशेष शौचालय, व्हीलचेयर स्टेशन, ब्रेल सुविधाएं। 70 प्रतिशत हरियाली व वृक्षारोपण से जैव विविधता मजबूत। सात विशेषज्ञ टीम कार्यरत।
चेयरमैन सुशांत कुमार पुरोहित बोले, “पर्यावरण, ऊर्जा व कल्याण केंद्रित प्रयासों से हमने यह कीर्तिमान रचा।”
वीओसी पोर्ट अब सस्टेनेबल डेवलपमेंट का प्रतीक है, जो अन्य बंदरगाहों को प्रेरित करेगा।