केरल हाईकोर्ट ने डिपोर्टेड भारतीय सूरज लामा के लापता होने और मौत की जांच को आगे बढ़ाने का सख्त आदेश जारी किया है। बुधवार को जस्टिस देवन रामचंद्रन और जस्टिस एम.बी. स्नेहलता ने हेबियस कॉर्पस याचिका बंद करने से इंकार करते हुए एसआईटी को निर्देश दिया कि भारत पहुंचने से शव मिलने तक सभी चरणों की बारीकी से जांच हो।
कुवैत से कोच्चि भेजे गए लामा कमजोर स्थिति में थे। एयरपोर्ट अधिकारियों ने बिना मदद के उन्हें जाने दिया। गुमशुदगी की रिपोर्ट पर पुलिस ने हिरासत में लेकर अस्पताल पहुंचाया, जहां से सामान्य बताकर छोड़ दिया गया।
कलामस्सेरी में भटकी लाश की पहचान लामा से हुई, लेकिन पोस्टमॉर्टम में सड़न से कारण अस्पष्ट रहा। कोर्ट ने चेतावनी दी कि केस अनसुलझा है। पुलिस कमिश्नर रैंक के अधिकारी की अगुवाई में एसआईटी गठित कर लापरवाहियों पर रोशनी डालने को कहा। हत्या की आशंका पर कोर्ट ने समयरेखा जांच सीमित रखी। तीन सप्ताह बाद अगली कार्रवाई।