एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसमें कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा के बेटे पीयूष के बैंक खाते से 30 हजार रुपये की साइबर चोरी हो गई। दिल्ली में किराये का मकान तलाशते हुए यूपीआई पेमेंट के जरिए ठगी का शिकार हुए पीयूष ने कोलकाता के लालबाजार साइबर थाने में 2 फरवरी को FIR दर्ज कराई।
पुलिस ने तेजी दिखाते हुए ओडिशा से राकेश प्रधान नामक आरोपी को धर दबोचा। राकेश ने कबूल किया कि दिल्ली के संजय व अक्षय ने उसके खाते को मनी म्यूल की तरह इस्तेमाल किया। दोनों फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
यह घटना साइबर धोखाधड़ी के नए रूप को रेखांकित करती है। कोलकाता पुलिस ने बढ़ते मामलों के मद्देनजर 24 घंटे साइबर हेल्पलाइन चालू की है, जो शिकायतों का तत्काल निपटारा करेगी।
नागरिकों से अपील है कि ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में सतर्क रहें, अज्ञात यूपीआई आईडी पर भरोसा न करें। बैंक स्टेटमेंट नियमित चेक करें और संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत रिपोर्ट करें।
केस की गहन जांच चल रही है। पुलिस का दावा है कि साइबर क्रिमिनल्स के नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने में कोई कसर न छोड़ी जाएगी। डिजिटल इंडिया के दौर में साइबर साक्षरता अनिवार्य हो गई है।