बसपा सुप्रीमो मायावती ने उत्तर प्रदेश के 2026-27 बजट पर तीखी टिप्पणी की है। इसे जनता के असली विकास से दूर और लोकलुभावन चालों से भरपूर बताया। विधानसभा में पेश इस बजट की घोषणाएं समय पर लागू न हुईं तो बेकार साबित होंगी।
सोशल मीडिया एक्स पर अपनी राय रखते हुए उन्होंने कहा कि बजट सर्वांगीण प्रगति के बजाय वोटबैंक को लुभाने पर केंद्रित है। आश्वासनों का सार्थक क्रियान्वयन ही इन्हें कागजी होने से बचाएगा। पिछली बजटों के कार्यान्वयन का स्पष्ट आंकड़ा न देना सदैव की भूल है।
यह बजट मीडिया सुर्खियों के लिए है, जिसने लोगों की उम्मीदों पर फिर पानी फेर दिया। प्रदेशवासियों को स्थायी नौकरियां चाहिए, आरक्षणों का पालन और पुरानी रिक्तियों की पूर्ति होनी चाहिए। भाजपा सरकार बसपा शासन की तर्ज पर संवैधानिक कर्तव्य निभाए।
बजट वर्ग-क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर गरीबों-किसानों के हितों को प्राथमिकता दे। संगठनात्मक स्तर पर राजस्थान सहित तीन राज्यों के पदाधिकारियों से बैठक में दिल्ली निर्देशों की समीक्षा हुई। यूपी मॉडल अपनाकर सत्ता हासिल कर बहुजन समाज को अंबेडकर के अधिकार दिलाने का आह्वान किया गया।