कर्नाटक भाजपा नेता एम.पी. रेणुकाचार्य ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को कटघरे में खड़ा कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी को ‘कायर’ कहने पर उन्होंने देशभर से क्षमा याचना की मांग उठाई। बेंगलुरु के भाजपा मुख्यालय में हुई प्रेस वार्ता में रेणुकाचार्य ने इसे 140 करोड़ भारतीयों का अपमान बताया।
2014 में ‘जनसंहारक’ जैसे शब्दों का हवाला देते हुए कहा कि जनता ने कांग्रेस को सबक सिखाया। ‘सत्ता के लिए गांधी परिवार के आगे नतमस्तक होना अनुभवी नेता को शोभनीय नहीं।’ लोकसभा प्रसंग पर कहा कि स्पीकर के कहने पर पीएम ने सदन त्यागा, यह कायरता कैसे?
सत्ता के तीन साल पूरे, उपलब्धियां शून्य—रेणुकाचार्य का तंज। ‘कांग्रेस की ऐसी फिजूल बयानबाजी ने पार्टी को बर्बाद कर दिया। चायवाले से पीएम बने मोदी का क्या अपराध?’ कांग्रेस का सुनहरा दौर खत्म।
सिद्धारमैया के खेमे से नेता पलायन कर रहे। मोदी की शक्ति के प्रमाण पेश किए—ट्रंप के टैरिफ में कमी, पुलवामा के बाद आतंकी कैंपों का सफाया। हिंदू-मुस्लिम नहीं देखा गोली चलाते हुए।
वीबी-जी रामजी योजना को संसदीय मंजूरी मिल चुकी। राज्यपाल को गुमराह करने की साजिश रचने का इल्जाम। तीन राज्यों तक सिमट चुकी कांग्रेस का भविष्य धुंधला।
संदर्भ: लोकसभा में राष्ट्रपति के भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव बिना पीएम के जवाब पारित हुआ तो सिद्धारमैया भड़के। रेणुकाचार्य ने वरिष्ठता का आदर जताते हुए माफी पर जोर दिया। राज्य में राजनीतिक जंग तेज।