केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अगरतला में विकसित भारत-जी राम जी योजना की विस्तृत रूपरेखा पेश की। इसके तहत अगले दस वर्षों में ग्रामीण भारत के लिए 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश सुनिश्चित किया जाएगा, जो रोजगार और आजीविका को बढ़ावा देगा।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि यह योजना विकसित भारत का स्पष्ट रोडमैप है, जो सभी समाजिक वर्गों के उत्थान पर केंद्रित है। रोजगार गारंटी को 100 से बढ़ाकर 125 दिनों का कर दिया गया है, जिससे ग्रामीणों को अधिक अवसर मिलेंगे।
वर्तमान वर्ष के लिए 1,51,282 करोड़ तथा वित्त आयोग से 55,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त आवंटन से पांच वर्षों का बजट 2 लाख करोड़ से अधिक पहुंचेगा। पांच वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये ग्रामीण परियोजनाओं पर लगेंगे।
2.86 करोड़ ग्राम पंचायतों में से प्रत्येक को 1.50 से 2.75 करोड़ रुपये का लाभ होगा। एनडीए सरकार ने पिछले दस वर्षों में 8.54 लाख करोड़ खर्च कर यूपीए के 2.13 लाख करोड़ के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
काम न मिलने पर भत्ता और देरी वाले भुगतान पर ब्याज की व्यवस्था मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान करती है। त्रिपुरा में 546.79 करोड़ की 179 योजनाओं का शुभारंभ हुआ। सीएम माणिक साहा, पंचायत मंत्री किशोर बर्मन आदि ने भाग लिया।
ग्रामीण विकास की यह महत्त्वाकांक्षी पहल देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है, जो गांवों को समृद्धि के केंद्र बनाएगी।