पश्चिम बंगाल में चुनावी हलचल तेज हो गई है। निर्वाचन आयोग की फुल बेंच 1 मार्च को दो दिनों के दौरे पर राज्य आएगी। यह 28 फरवरी को अंतिम वोटर लिस्ट प्रकाशित होने और SIR प्रक्रिया समाप्ति के अगले दिन है।
मंगलवार को नई दिल्ली स्थित आयोग मुख्यालय में सीईओ मनोज कुमार अग्रवाल ने फुल बेंच के समक्ष राज्य की स्थिति रखी, जिसके बाद दौरा तय हुआ।
कोलकाता में सीईओ कार्यालय के सभी वरिष्ठ अधिकारियों से बैठक होगी। SIR के परिणामों और आगामी विधानसभा चुनाव तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।
सूत्र बताते हैं कि मतदान की तारीखें मार्च के पहले हफ्ते घोषित होंगी। दिल्ली बैठक में इसी निर्देश पर मुहर लगी।
चुनाव के चरणों पर बहस गर्म रही। सीईओ ने सिंगल फेज चुनाव की वकालत की, CAPF की मजबूत तैनाती के साथ। आयोग ने वादा किया कि अधिकतम तीन चरण ही होंगे।
2001 के बाद बंगाल में ऐसा कोई विधानसभा चुनाव नहीं हुआ। हालिया चुनाव बहु-चरणीय रहे। कम चरणों से प्रक्रिया तेज होगी, लेकिन सुरक्षा चुनौतियां बढ़ेंगी।
आयोग का यह सक्रिय कदम राज्य की जटिल राजनीतिक परिस्थितियों में निष्पक्षता बनाए रखने का संकल्प दिखाता है। राजनीतिक दल सतर्क हो गए हैं।