राजधानी दिल्ली में स्मॉग का कहर जारी है और इसी बीच AAP ने सरकार के खिलाफ जोरदार हमला बोला है। पार्टी ने आरोप लगाया कि AQI मॉनिटरिंग स्टेशन हरे-भरे, शांत इलाकों में लगाकर प्रदूषण के आंकड़ों को गलत तरीके से कम दिखाया जा रहा है। इसका उद्देश्य जनता को गुमराह करना है।
सौरभ भारद्वाज ने X पर पोस्ट कर कहा कि कम ट्रैफिक और प्रदूषण रहित जगहों जैसे जेएनयू, सेंट्रल रिज, एनएसआईटी और यमुना किनारे स्टेशन लगाने से भ्रम फैलता है कि हवा साफ हो रही है। वास्तव में शहर के व्यस्त हिस्सों में हालात बदतर हैं।
उन्होंने CAQM की चुप्पी पर सवाल उठाए, जो केंद्रीय IAS अधिकारियों के कब्जे में है। ‘यह व्यवस्था आम आदमी की सांसों से खिलवाड़ कर रही है,’ भारद्वाज ने कहा। पहले अप्रैल में भी ऐसी कोशिश हुई थी, जिसका AAP ने पुरजोर विरोध किया।
AAP की मांग है कि स्टेशन प्रदूषण प्रभावित जोन—फैक्टरियां, सड़कें और आबादी वाले इलाकों—में लगें। सटीक आंकड़ों से ही नीतियां बनेंगी जो प्रदूषण पर लगाम लगा सकें। दिल्ली की हवा को साफ करने के लिए सच्चाई और कार्रवाई दोनों जरूरी हैं।