संसद में बजट बहस के बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को निशाने पर लिया। इसे ‘ढील’ बताते हुए उन्होंने केंद्र की मंशा पर सवाल खड़े किए और आर्थिक फैसलों की पारदर्शिता मांगी।
समझौते के तहत भारत ने अमेरिकी सामान पर टैरिफ घटाकर 18 फीसदी किया है, जबकि कुछ पर जीरो टैरिफ लगेगा। ट्रंप प्रशासन ने इसे सफलता का श्रेय दिया, मगर भारत सरकार चुप्पी साधे है।
अखिलेश ने पूछा, ‘बजट पहले बना या यह डील? इतनी देरी क्यों अगर जरूरी था?’ उन्होंने चेताया कि ऐसे समझौते रुपये और उद्योगों को चोट पहुंचा सकते हैं। भाजपा के एफटीए दावों पर भी कटाक्ष किया।
‘आत्मनिर्भरता भूल गए? एकतरफा 500 मिलियन का फायदा… 18 को 0 समझते हो?’ उन्होंने तंज कसा। स्वदेशी उत्पादन पर प्रभाव की चिंता जताई।
बजट को हाशिए के वर्गों की अनदेखी का दोषी ठहराया। गरीब, दलित, आदिवासी व पीडीए के लिए कुछ नहीं।
यह बयान तब महत्वपूर्ण है जब वैश्विक व्यापार में भारत की रणनीति पर बहस तेज हो रही है। सरकार को जवाब देना होगा।